अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक बयानों और सख्त रणनीति ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। हालिया घटनाक्रम में रूसी तेल टैंकर को पकड़े जाने की खबर के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव और बढ़ गया है, जिससे बड़े सैन्य टकराव की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहीं, तो अमेरिका और रूस के बीच पहले से मौजूद तनाव और गहरा सकता है। रूसी तेल आपूर्ति वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम मानी जाती है, ऐसे में किसी भी तरह की जब्ती या प्रतिबंध का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
राजनयिक हलकों में इस कदम को उकसावे वाली कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का यह सख्त रुख उनके राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसके परिणाम वैश्विक शांति के लिए गंभीर हो सकते हैं।
फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रूस इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते तनाव को कूटनीतिक रास्ते से कम करने में सफल हो पाएगा या नहीं।


